रविवार, 6 जुलाई 2008

भड़ास,,,,,,,,,,

यहाँ हर कोई

अपनी भड़ास

-निकालना

चाहता है

जिसे देखो

आज ब्लॉग

लिखना चाहता है।

सड़कों पर

देखते दिखाते

हार गए

अब अपने अंतस को

स्क्रीन पर

दिखलाना

चाहता है

जिसे देखो

वो अपनी

भड़ास निकालना

चाहता है।

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